आपका स्वागत है...

मैं
135 देशों में लोकप्रिय
इस ब्लॉग के माध्यम से हिन्दू धर्म को जन-जन तक पहुचाना चाहता हूँ.. इसमें आपका साथ मिल जाये तो बहुत ख़ुशी होगी.. इस ब्लॉग में पुरे भारत और आस-पास के देशों में हिन्दू धर्म, हिन्दू पर्व त्यौहार, देवी-देवताओं से सम्बंधित धार्मिक पुण्य स्थल व् उनके माहत्म्य, चारोंधाम,
12-ज्योतिर्लिंग, 52-शक्तिपीठ, सप्त नदी, सप्त मुनि, नवरात्र, सावन माह, दुर्गापूजा, दीपावली, होली, एकादशी, रामायण-महाभारत से जुड़े पहलुओं को यहाँ देने का प्रयास कर रहा हूँ.. कुछ त्रुटी रह जाये तो मार्गदर्शन करें...
वर्ष भर (2017) का पर्व-त्यौहार नीचे है…
अपना परामर्श और जानकारी इस नंबर
9831057985 पर दे सकते हैं....

धर्ममार्ग के साथी...

लेबल

आप जो पढना चाहते हैं इस ब्लॉग में खोजें :: राजेश मिश्रा

24 अक्तूबर 2011

धनतेरस : पूजन विधि राशी के अनुसार

आज ही के दिन समुद्र से
प्रकट हुए थे धनवंतरि!


प्रकाश पर्व दीपावली के दो दिन पूर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाने की पुरानी परम्परा है। लोगों का मानना है कि समुद्र मंथन के अंतिम दिन भगवान विष्णु कलश में अमृत लेकर 'धनवंतरि' के अवतार में प्रकट हुए थे। भगवान धनवंतरि की पूजा से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है।

किंवदंती है कि देवताओं और दानवों के बीच हुए समझौते के बाद जब समुद्र मंथन किया गया तब समुद्र से चौदह रत्न निकले थे, जिनमें एक अमृत-कलश भी था। भगवान विष्णु देवताओं को अमर करने के लिए धनवंतरि के अवतार में प्रकट होकर अमृत-कलश के साथ समुद्र से निकले थे। इस दिन धनवंतरि की पूजा करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर धन-वर्षा करती है। इसी वजह से भगवान धनवंतरि के प्रकटोत्सव को 'धनतेरस' के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई।

बांदा जनपद के तेंदुरा गांव में रहने वाले धर्मग्रंथों के जानकार पंडित मना महाराज गौतम का कहना है कि भगवान धनवंतरि भगवान विष्णु के अवतार है, इनकी पूजा से ग्रहस्थ जीवन जीने वालों के अलावा व्यापारी वर्ग को भी लाभ होता है।

पूजा-अर्चना के बारे में वह कहते है कि त्रयोदश की सुबह स्नान के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख कर भगवान धनवंतरि की मूर्ति या चित्र की स्थापना करनी चाहिए, उसके बाद मंत्रोच्चारण करना चाहिए और आचमन के लिए जल चढ़ना चाहिए। धनवंतरि की पूजा भगवान विष्णु की पूजा है, इसलिए लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर दीपावली में धन-वर्षा करती है।


24 अक्टूबर 2011



इस बार 24 अक्टूबर, सोमवार से दीपावली का पर्व धनतेरस प्रारंभ हो रहा है। महापर्व धनतेरस/धनत्रयोदशी इस बार दो दिन तक मनाया जायेगा ..यह योग नो वर्षों के बाद आ रहा हें...इसका कारण यह है कि 24 अक्टूबर को सूर्य शाम को स्वाती नक्षत्र( 04 :45 बजे) में आ जायेगा..इसी दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र भी रहेगा..यह उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 25 अक्टूबर को तड़के/प्रातः तीन बजकर 45 मिनट तक रहेगा..इसके बाद में हस्त नक्षत्र आ जायेगा..शास्त्रानुसार उत्तराफाल्गुनी नक्षण में अबूझ मुहूर्त, मांगलिक कार्य,और खरीददारी करने का श्रेष्ठ मुहूर्त होता हें..वहीँ हस्त नक्षत्र भी इन कार्यो हेतु उत्तम हें..चौबीस(24 ) अक्टूबर,2011 को धन त्रयोदशी दोपहर में 12 :35 से शुरू होकर अगले दिन सुबह नो (09 )बजे तक रहेगी...चूँकि दीपदान शाम को त्रयोदशी और प्रदोष कल में किया जाता हें..और धन्वन्तरी जयंती उदियत तिथि में त्रयोदशी होने पर मनाई जाती हें..इसी कारण 24 अक्टूबर,2011 की शाम को त्रयोदशी होने पर दीपदान किया जा सकेगा...जबकि 25 अक्टूबर,2011 को सूर्योदय के समय त्रयोदशी होने के कारन इसी दिन भगवन धन्वन्तरी की जयंती धूम धाम से मनाई जाएगी...25 अक्टूबर,2011 की शाम को चतुर्दशी तिथि होने के कारन इस दिन रूप चतुर्दशी पर्व मनाया जायेगा।

इस दिन यदि आप अपनी राशि के अनुसार नीचे लिखे उपाय करें तो धन-संपत्ति आदि का लाभ होगा।

ये उपाय इस प्रकार हैं-

मेष- यदि आप धनतेरस के दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर तेल का दीपक में दो काली गुंजा डाल दें, तो साल भर आर्थिक अनुकूलता बनी रहेगी। आपका उधार दिया हुआ धन भी प्राप्त हो जाएगा।

वृषभ- यदि आपके संचित धन का लगातार खर्च हो रहा है तो धनतेरस के दिन पीपल के पांच पत्ते लेकर उन्हे पीले चंदन में रंगकर बहते हुए जल में छोड़ दें।

मिथुन-
बरगद से पांच फल लाकर उसे लाल चंदन में रंगकर नए लाल वस्त्र में कुछ सिक्कों के साथ बांधकर अपने घर अथवा दुकान में किसी कील से लटका दें।

कर्क- यदि आपको अचानक धन लाभ की आशा हो तो धनतेरस के दिन शाम के समय पीपल वृक्ष के समीप तेल का पंचमुखी दीपक जलाएं।

सिंह- यदि व्यवसाय में बार-बार हानि हो रही हो या घर में बरकत ना रहती हो तो धनतेरस के दिन से गाय को रोज चारा डालने का नियम लें।

कन्या- यदि जीवन में आर्थिक स्थिरता नहीं हो तो धनतेरस के दिन दो कमलगट्टे लेकर उन्हें माता लक्ष्मी के मंदिर में अर्पित करें।

तुला- यदि आप आर्थिक परेशानी से जुझ रहे हैं तो धनतेरस के दिन शाम को लक्ष्मीजी के मंदिर में नारियल चढ़ाएं।

वृश्चिक- यदि आप निरंतर कर्ज में उलझ रहें हो तो धनतेरस के दिन श्मशान के कुएं का जल लाकर किसी पीपल वृक्ष पर चढ़ाएं।

धनु-
धनतेरस के दिन गुलर के ग्यारह पत्तों को मोली से बांधकर यदि किसी वट वृक्ष पर बांध दिया जाए, तो आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

मकर-
यदि आप आर्थिक समस्या से परेशान है, किंतु रूकावटें आ रही हों, तो आक की रूई का दीपक शाम के समय किसी तिहारे पर रखने से आपको धन लाभ होगा।

कुंभ- जीवन स्थायी सुख-समृद्धि हेतु प्रत्येक धनतेरस की रात में पूजन करने वाले स्थान पर ही रात्रि में जागरण करना चाहिए।

मीन- यदि व्यवसाय में शिथिलता हो तो केले के दो पौधे रोपकर उनकी देखभाल करें तथा उनके फलों को नहीं खाएं।

मेरी ब्लॉग सूची

  • World wide radio-Radio Garden - *प्रिये मित्रों ,* *आज मैं आप लोगो के लिए ऐसी वेबसाईट के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसमे आप ऑनलाइन पुरे विश्व के रेडियों को सुन सकते हैं। नीचे दिए गए ल...
    5 माह पहले
  • जीवन का सच - एक बार किसी गांव में एक महात्मा पधारे। उनसे मिलने पूरा गांव उमड़ पड़ा। गांव के हरेक व्यक्ति ने अपनी-अपनी जिज्ञासा उनके सामने रखी। एक व्यक्ति ने महात्मा से...
    6 वर्ष पहले

LATEST:


Windows Live Messenger + Facebook