आपका स्वागत है...

मैं
135 देशों में लोकप्रिय
इस ब्लॉग के माध्यम से हिन्दू धर्म को जन-जन तक पहुचाना चाहता हूँ.. इसमें आपका साथ मिल जाये तो बहुत ख़ुशी होगी.. इस ब्लॉग में पुरे भारत और आस-पास के देशों में हिन्दू धर्म, हिन्दू पर्व त्यौहार, देवी-देवताओं से सम्बंधित धार्मिक पुण्य स्थल व् उनके माहत्म्य, चारोंधाम,
12-ज्योतिर्लिंग, 52-शक्तिपीठ, सप्त नदी, सप्त मुनि, नवरात्र, सावन माह, दुर्गापूजा, दीपावली, होली, एकादशी, रामायण-महाभारत से जुड़े पहलुओं को यहाँ देने का प्रयास कर रहा हूँ.. कुछ त्रुटी रह जाये तो मार्गदर्शन करें...
वर्ष भर (2017) का पर्व-त्यौहार नीचे है…
अपना परामर्श और जानकारी इस नंबर
9831057985 पर दे सकते हैं....

धर्ममार्ग के साथी...

लेबल

आप जो पढना चाहते हैं इस ब्लॉग में खोजें :: राजेश मिश्रा

14 जनवरी 2012

मकर संक्रांति के दिन महासंयोगों का मुहूर्त

महामुहूर्त के साथ 15 को मनेगी मकर संक्रांति





मकर संक्रांति अश्व पर सवार होकर 15 जनवरी को सुबह 6.22 बजे दक्षिण दिशा की ओर जाएगी। 28 वर्ष बाद मकर संक्रांति के दिन महासंयोगों का मुहूर्त बन रहा है। ऐसा ही महामुहूर्त का संयोग सन 1984 को मकर संक्रांति के दिन बना था। अब 100 वर्ष बाद ही ऐसा मुहूर्त अगली सदी में बनेगा।

ज्योतिषियों के अनुसार कन्या राशि पर चंद्रमा होने से भद्रा पाताल लोक में निवास करेगा। पृथ्वी पर भद्रा के नहीं होने से मकर संक्रांति पर भद्रा का रोड़ा नहीं होगा।

उत्तरायण सूर्य कराएंगे शुभ कार्य : ज्योतिषाचार्य धर्मेन्द्र शास्त्री ने बताया कि सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करते ही सूर्य उत्तरायण होने के साथ ही देवताओं के दिन भी शुरू हो जाएंगे। सूर्य सिद्घांत के अनुसार कर्क से धनु के सूर्य तक 6 माह देवताओं की रात्रि होती है और मकर से मिथुन के सूर्य तक 6 माह देवताओं के दिन होते हैं।

इसके साथ ही सूर्य देव इस समय पृथ्वी के निकट होते हैं। इसलिए देवताओं के दिन की शुरुआत का पहला दिन मकर संक्रांति सभी शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

सुबह से शाम तक रहेगा पुण्यकाल : मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगा। पुण्यकाल में तीर्थ स्थान में स्नान, दान, जाप, हवन, तुलादान, गौदान, स्वर्ण दान आदि का विशेष महत्व है।

इस दिन सूर्यदेव अपनी राशि बदलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति पर तिल का लेप लगाकर स्नान करने के अलावा दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

महामुहूर्त की शुरुआत : विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार का शुभारंभ, पदभार ग्रहण, वाहन क्रय, विधारंभ सहित अन्य कार्य महामुहूर्त में प्रारंभ करने पर फलदायी होते हैं।

क्या होगा मकर संक्रांति का राशिफल पर प्रभाव
मेष- ईष्ट सिद्धि
वृषभ - धर्म लाभ
मिथुन - कष्ट
कर्क - सम्मान
सिंह - भय
कन्या - यश
तुला- कलह
वृश्चिक - लाभ
धनु - संतोष
मकर - धन लाभ
कुंभ - हानि
मीन - लाभ।

मेरी ब्लॉग सूची

  • World wide radio-Radio Garden - *प्रिये मित्रों ,* *आज मैं आप लोगो के लिए ऐसी वेबसाईट के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसमे आप ऑनलाइन पुरे विश्व के रेडियों को सुन सकते हैं। नीचे दिए गए ल...
    7 माह पहले
  • जीवन का सच - एक बार किसी गांव में एक महात्मा पधारे। उनसे मिलने पूरा गांव उमड़ पड़ा। गांव के हरेक व्यक्ति ने अपनी-अपनी जिज्ञासा उनके सामने रखी। एक व्यक्ति ने महात्मा से...
    6 वर्ष पहले

LATEST:


Windows Live Messenger + Facebook