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01 अक्तूबर 2012

श्री गणेश स्तुती : Shri Ganesh Stuti

श्री गणेश स्तुती – श्री गणेश मन्त्र 
 Sri Ganesha Mantra Stuti


वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजंबूफलचारुभक्षणम्‌ ।
उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्‌ ॥
सुमुखश्चैकदंतश्च कपिलो गजकर्णकः ।
लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो गणाधिपः ।
धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः ।
द्वादशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि ।
विद्यारंभे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा ।
संग्रामे संकटे चैव विघ्नस्तस्य न जायते ॥
शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।
प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥
मूषिकवाहन् मोदकहस्त चामरकर्ण विलम्बित सूत्र ।
वामनरूप महेश्वरपुत्र विघ्नविनायक पाद नमस्ते ॥
Sri Ganesha Mantra with Meaning
वक्रतुंड महाकाय कोटिसूर्यसमप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

“Oh! Lord (Ganesha), of huge body and curved elephant trunk, whose brilliance is equal to billions of suns, always remove all obstacles from my endeavors.”
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजंबूफलचारुभक्षणम्‌ ।
उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्‌ ॥

“Salutations to Lord Ganesha who has an elephant head, who is attended by the band of his followers, who eats his favorite wood-apple and rose-apple fruits, who is the son of Goddess Uma, who is the cause of destruction of all sorrow. And I salute to his feet which are like lotus.”
सुमुखश्चैकदंतश्च कपिलो गजकर्णकः ।
लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो गणाधिपः ।
धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः ।
द्वादशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि ।
विद्यारंभे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा ।
संग्रामे संकटे चैव विघ्नस्तस्य न जायते ॥

Sumukha, Ekadanta, Kapila, Gajakarnaka, Lambodara, Vikata, Vighnanaasha, Ganaadhipa, Dhuumraketu, Ganaadhyaksha, Bhaalachandra, Gajaanana –

No obstacles will come in the way of one who reads or listens to these 12 names of Lord Ganeshaat the beginning of education, at the time of marriage, while entering or exiting anything, during a battle or calamity.
शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।
प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥

“In order to remove all obstacles, one should meditate on (the Lord Ganesha) as wearing a white garment, as having the complexion like the moon, and having four arms and a pleasantcountenance.”
मूषिकवाहन् मोदकहस्त चामरकर्ण विलम्बित सूत्र ।
वामनरूप महेश्वरपुत्र विघ्नविनायक पाद नमस्ते ॥

“Oh God who has the mouse as his vehicle, and the sweet modhaka (rice ball) in your hand, whose ears are wide like fans, wearing the sacred thread. Oh son of Lord Shiva who is of short stature and who removes all obstacles, Lord Vinayaka, I bow at your feet.”

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