आपका स्वागत है...

मैं
135 देशों में लोकप्रिय
इस ब्लॉग के माध्यम से हिन्दू धर्म को जन-जन तक पहुचाना चाहता हूँ.. इसमें आपका साथ मिल जाये तो बहुत ख़ुशी होगी.. इस ब्लॉग में पुरे भारत और आस-पास के देशों में हिन्दू धर्म, हिन्दू पर्व त्यौहार, देवी-देवताओं से सम्बंधित धार्मिक पुण्य स्थल व् उनके माहत्म्य, चारोंधाम,
12-ज्योतिर्लिंग, 52-शक्तिपीठ, सप्त नदी, सप्त मुनि, नवरात्र, सावन माह, दुर्गापूजा, दीपावली, होली, एकादशी, रामायण-महाभारत से जुड़े पहलुओं को यहाँ देने का प्रयास कर रहा हूँ.. कुछ त्रुटी रह जाये तो मार्गदर्शन करें...
वर्ष भर (2017) का पर्व-त्यौहार नीचे है…
अपना परामर्श और जानकारी इस नंबर
9831057985 पर दे सकते हैं....

धर्ममार्ग के साथी...

लेबल

आप जो पढना चाहते हैं इस ब्लॉग में खोजें :: राजेश मिश्रा

03 जुलाई 2013

अमरनाथ यात्रा के लिए क्या है सबसे जरूरी


आपकी यात्रा सुखमय हो, इसके लिए आप यात्रा पर निकलने से पहले जानें कुछ जरूरी बातें..

जम्मू-कश्मीर से बाहर के प्रीपेड सिम लखनपुर सीमा में प्रवेश करते ही बंद हो जाते हैं, जबकि पोस्टपेड मोबाइल चलते रहते हैं। इस बार प्रशासन की ओर से आधार शिविर भगवती नगर में ही प्रीपेड सिम उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिनकी वेलिडिटी पांच से सात दिन तक रहेगी।

यह एक रोमांचकारी एवं दुर्गम यात्रा है, इसलिए इसकी तैयारी के लिए श्रद्धालुओं को रोजाना 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलने का अभ्यास करना चाहिए। साथ ही योग आदि से शारीरिक क्षमता में वृद्धि करने का भी प्रयास करना चाहिए।

यात्रा के दौरान मौसम बेहद सर्द रहता है। इसलिए यात्रियों को अपने साथ पर्याप्त ऊनी कपड़े, बिस्तर बंद, गर्म मोजे, ट्रैकिंग शूज, कोल्ड क्रीम, मंकी कैप, रेनकोट, टॉर्च, छड़ी, दस्ताने आदि भी रखने चाहिए। यहां तापमान कभी-कभी पांच डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे चला जाता है। वहीं बारिश कभी भी अचानक हो सकती है। इसलिए आपका सारा सामान प्लास्टिक अथवा वॉटर प्रूफ बैग में बंद होना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर में पॉलीथिन पर प्रतिबंध है, इसलिए प्रकृति के संरक्षण हेतु इस का ध्यान रखें।

साड़ी पारंपरिक भारतीय परिधान है, लेकिन यात्रा की दृष्टि से यह सुविधाजनक नहीं है। इसलिए बेहतर है कि महिलाएं सलवार-कमीज, पैंट-जींस अथवा ट्रैक सूट आदि का चयन करें।

यह दुर्गम यात्रा है, इसलिए छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं, 75 वर्ष से ऊपर के वृद्ध और 13 साल से छोटी उम्र के बच्चों को इस बार यात्रा करने की अनुमति नहीं है।

यात्रा के दौरान कुली या घोड़े वाले को अपने साथ रखें, क्योंकि यात्रा के दौरान आपको किसी भी चीज की अचानक जरूरत पड़ सकती है। घोड़ा अथवा खच्चर लेने से पूर्व मोलभाव भी कर लें।

यात्रा के दौरान इस्तेमाल के लिए एक पानी की बोतल, सूखे मेवे, भुने हुए चने, टॉफी, गुड़, चॉकलेट आदि भी अपने साथ रखें।

ध्यान रहे, यात्रा कभी अकेले न करें, बल्कि समूह के साथ रहें। अजनबी व्यक्ति पर विश्वास कर कोई भी वस्तु ग्रहण न करें।

अपनी जेब में सदैव अपना आई कार्ड अथवा किसी पर्ची पर अपना और अपने साथी-समूह का नाम, पता तथा फोन नंबर लिखकर रखें।

पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश सभी शिव-तत्व हैं, इसलिए यात्रा के दौरान शिव और प्रकृति दोनों का सम्मान करें। शॉर्ट कट का इस्तेमाल करने से बचें।

मेरी ब्लॉग सूची

  • World wide radio-Radio Garden - *प्रिये मित्रों ,* *आज मैं आप लोगो के लिए ऐसी वेबसाईट के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसमे आप ऑनलाइन पुरे विश्व के रेडियों को सुन सकते हैं। नीचे दिए गए ल...
    8 माह पहले
  • जीवन का सच - एक बार किसी गांव में एक महात्मा पधारे। उनसे मिलने पूरा गांव उमड़ पड़ा। गांव के हरेक व्यक्ति ने अपनी-अपनी जिज्ञासा उनके सामने रखी। एक व्यक्ति ने महात्मा से...
    6 वर्ष पहले

LATEST:


Windows Live Messenger + Facebook