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24 जून 2014

आकर्षण का केन्द्र श्री वेंकटेश्वर मन्दिर

दर्शन तिरुपति बालाजी का 


तिरुपति वेंकटेश्ववर की गिनती विश्व के प्रसिद्ध मंदिर मे होती है। यह मन्दिर आन्ध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले के तिरुपति में स्थित है। तिरुमला के सात पर्वतों में से एक वेंकटाद्रि पर बना श्री वेंकटेश्वर मन्दिर यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण का केन्द्र है। इसलिए इसे सात पर्वतों का मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है ।

मंदिर से जुड़े फैक्‍ट एक नजर में 

समुद्र तल से 3200 फीट ऊंचाई पर स्थित है । इस मन्दिर में स्थापित भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति में ही भगवान बसते हैं और वे यहाँ समूचे कलियुग में विराजमान रहेंगे।
श्री वेंकटेश्वर का यह पवित्र व प्राचीन मंदिर पर्वत की वेंकटाद्रि नामक सातवीं चोटी पर स्थित है, जो श्री स्वामी पुष्करणी नामक तालाब के किनारे स्थित है। 
इन तीर्थयात्रियों की देखरेख पूर्णतः टीटीडी के संरक्षण में है। 
वेंकट पहाड़ी का स्वामी होने के कारण ही इन्हें वैंकटेश्व र कहा जाने लगा। इन्हेंग सात पहाड़ों का भगवान भी कहा जाता है।
मंदिर परिसर में खूबसूरती से बनाए गए अनेक द्वार, मंडपम और छोटे मंदिर हैं। मंदिर परिसर में मुख्श् दर्शनीय स्थल हैं:पडी कवली महाद्वार संपंग प्रदक्षिणम, कृष्ण देवर्या मंडपम, रंग मंडपम तिरुमला राय मंडपम, आईना महल, ध्वजस्तंभ मंडपम, नदिमी पडी कविली, विमान प्रदक्षिणम, श्री वरदराजस्वामी श्राइन पोटु आदि। 
मन्दिर से सटे पुष्करणी पवित्र जलकुण्ड के पानी का प्रयोग केवल मन्दिर के कार्यों, जैसे भगवान की प्रतिमा को साफ़ करने, मन्दिर परिसर का साफ़ करने आदि के कार्यों में ही किया जाता है। इस कुण्ड का जल पूरी तरह से स्वच्छ और कीटाणुरहित है।
यहाँ पर बिना किसी भेदभाव व रोकटोक के किसी भी जाति व धर्म के लोग आ-जा सकते हैं, क्योंकि इस मन्दिर का पट सभी धर्मानुयायियों के लिए खुला है। 
मन्दिर के दर्शन के लिए तिरुमला पर्वतमाला पर पैदल यात्रियों के चढ़ने के लिए तिरुमला तिरुपती देवस्थानम नामक विशेष मार्ग बनाया गया है। 
तिरुपति बालाजी मंदिर की वार्षिक आय 650 करोड़ रुपए है। तिरुपति बालाजी का मंदिर भारत में दूसरा सबसे अमीर मंदिर है। मंदिर का 3000 किलो सोना अलग-अलग बैंकों में जमा है। साथ ही, 1000 करोड़ रु का फिक्स्ड डिपॉजिट है। हर साल मंदिर का ट्रस्ट चढ़ावे के रूप में लगभग 300 करोड़ रु, 350 किलोग्राम सोना और 500 किलोग्राम चांदी अर्जित करता है।

कैसे-कैसे पैकेज हैं तैयार

यहां के लिए चैन्नई से बहुत सारे पैकेज टूर उपलब्ध हैं। जिसमें वोल्वो एसीबस, एसीबस, साधारण बस और आईआरसीटीसी व टैक्सी के विकल्प मिले सबसे अच्छा पैकेज टूर आंध्र प्रदेश टूरिज्म का है, जिसमें वे शाम 6.30 बजे चैन्नई से चलते हैं और तकरीबन रात 11 बजे तिरुपति पहुँज जाते हैं, फ़िर एक शेयरिंग रुम दे देते हैं, जिसमें 2-3 लोग रुक सकते हैं! समूह के लिए अलग से व्युवस्था, हो जाती है। 

तिरुमाला जाने के लिए बसों का समय

सुबह सुबह 4 बजे बस से तिरुमाला की ओर रवाना होना होता है, तकरीबन सुबह 5.30 तक आप तक आप तिरुमाला पहुँच जायेंगे और फ़िर अगर आपको बाल देना है तो बाल देकर आप नहाकर तैयार हो जायें, और फ़िर स्पेमशल दर्शन जिसके लिए 300 रुपए की पर्ची लेनी होती है। यह पैकेज में ही शामिल होता है। इस टिकट से आप 1-2 घंटे में दर्शन कर वापस आ जाते हैं। 

अन्य- दर्शनीय स्थान

बालाजी के दर्शन के पश्चात इस टूर में तिरुपति में पद्मावती मंदिर और शिवजी के प्रसिद्ध मंदिर श्रीकालाहस्ती भी दर्शन करवाते हैं। और शाम 6 बजे तक तो वापस चैन्नमई भी छोड़ देते हैं। पैकेज की कीमत 1300 से 2000 के बीच रहती है। इसमें रात का खाना, सुबह का नाश्ता, शीघ्रदर्शनम टिकट और रात को ठहरने की व्यवस्था शामिल है। ध्या न रहे कि यहां के लिए करीब 3 पहले बुकिंग करवा लें वरना बाद में मुश्किल हो सकती है। 

कहां करें बुकिंग

चैन्नई में इनका ऑफ़िस है, जो कि टी.नगर में कैनरा बैंक के पास हैं। इनका फ़ोन नंबर है - o44-65439987। अभी यह पैकेज ऑनलाइन आरक्षण में उपलब्ध नहीं है। आपको यहाँ जाकर ही आरक्षण करवाना होगा।

अन्य पैकेज टूर

आंध्र प्रदेश्‍ का एक अन्य टूर पैकेज भी है। इसमें वे लोग आपको सुबह 5 बजे लेकर चलते हैं। इसमें 50 रुपए वाला दर्शन टिकट होता है। लौटते समय पद्मावती मंदिर के दर्शन करवाते हुए रात 11 बजे तक चैन्नई वापस आते हैं। इस टूर की कीमत 1050 रुपये है। इसमें सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और 50 रुपये का विशेष दर्शन टिकट शामिल है। 

निजी ट्रेवल कंपनियाँ

इनके अलावा यहां बहुत सारे निजी ट्रेवल कंपनियाँ पैकेज टूर उपलब्ध करवाती हैं, जिसमें अधिकतर का पैकेज 1200 से शुरु हो जाता है। ये लोग टेम्पो ट्रेवलर में लेकर जाते हैं और सुबह 5 बजे निकलते हैं और वही रात 11 बजे तक वापस आते हैं। अधिकतर के पैकेज में भी सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और 300 रुपये का शीघ्र दर्शन टिकट शामिल होता है। पर ध्यारन रहे ये सिर्फ दो ही जगह आपको लेकर जाएंग यानी तिरुपति बालाजी और पद्मावती मंदिर ले जाते हैं।

हमारी सलाह

आंध्रप्रदेश टूरिज्म का पैकेज सबसे अच्छा है और सुविधाएँ भी। अगर आप इतनी दूर आ रहे हैं तो श्रीकालाहस्ती मंदिर जरुर जाएं। आपने ऐसा मंदिर शायद ही कभी देखा होगा, विशाल, भव्य और प्राचीन। यहां जाने के लिए साधारण बस से भी जा सकते हैं जिससे 4-5 घंटे लगते हैं और अपने आप यह सब व्यवस्था कर सकते हैं, जिसमें अच्छी खासी बचत की संभावना है, क्योंकि बस का टिकट भी ज्यादा नहीं है और सब कुछ बहुत ही कम दामों पर उपलब्ध है।

ट्रेन का भी विकल्प है

आप यहां के लिए आईआरसीटीसी का पैकेज भी बुक करवा सकते हैं। इनका भी पैकेज 1 ही दिन का होता है। ये सप्तगिरी एक्सप्रेस से सुबह ले जाते हैं और तिरुपति बालाजी और पद्मावती मंदिर के दर्शन करवाकर रात 9 बजे तक चैन्नई पहुँच जाते हैं। यह पैकेज रेल टूरिज्म की साईट पर उपलब्ध है, पर अगर सप्ताहांत पर जाने का कार्यक्रम है तो पहले से ही आरक्षण करवाना होगा, क्योंकि बहुत ही जल्दी इसका आरक्षण खत्म हो जाता है। इसमें इसमें सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और 50 रुपये का विशेष दर्शन टिकट शामिल है। और इसकी कीमत है 9०० रुपये से शुरू है।

रेलगाड़ी से अन्य स्थारनों से ऐसे पहुंचे

बालाजी दर्शन तिरुमाला पर होते हैं, जो कि तिरुपति से सात पहाड़ दूर है, तिरुपति रेलवे से बहुत अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। और अगर कहीं और से आ रहे हैं, तो रेनुगुंटा स्टेशन आपको पड़ेगा जहाँ से तिरुपति मात्र 15 कि.मी. है। तिरुपती चैन्नई से लगभग 140 कि.मी. है और बैगलोर से लगभग 260 कि.मी.। बैंगलोर से भी पैकेज टूर उपलब्ध हैं जैसे कि चैन्नई से, वहाँ से आन्ध्राप्रदेश टूरिज्म, कर्नाटक टूरिज्म और निजी ट्रेवल्स की सुविधाएँ ले सकते हैं, और अगर बड़ा ग्रुप है तो अपनी टैक्सी ज्यादा अच्छा विकल्प है। 

ठहरने की व्‍यवस्‍था

आमतौर पर लोग चैन्न ई से एक दिन का अपडाउन करते हैं, अगर तिरुपति में रुकना है तो आप ऑनलान कमरे का आरक्षण करवा सकते हैं, वैसे वहाँ नि:शुल्क कमरे भी उपलब्ध हैं और डोरमेट्री भी नि:शुल्क उपलब्ध है। 

तिरुपति से तिरुमाला तक का सफर 

तिरुपति से तिरुमाला तकरीबन 17 कि.मी. है। यहां के लिए वोल्वो बसे नहीं चलती। तिरुपति से बस स्टैंड से तिरुमाला की बस पकड़ सकते हैं, टिकट है 27 रुपये जो कि हर दो मिनट में उपलब्ध है। मंदिर देवस्थानम ट्रस्ट की ओर से भी एक बस चलती है जो कि फ़्री सर्विस है, वह हर आधे घंटे में उपलब्ध है। अगर आप अपनी टैक्सी या टैम्पो ट्रेवलर से जा रहे हैं तो तिरुमाला उसी से जा सकते हैं।

सुंदरसन दर्शन के लिए टिकट 

अगर सुंदरसन दर्शन करना है तो उसके लिये आपको 50 रुपये का टिकट तिरुपति रेलवे स्टेशन के पास काऊँटर से मिलेगा, और अगर बैंगलोर या चैन्नई से आ रहे हैं, तो तिरुपति देवस्थानम के कार्यालयों से जाकर ले सकते हैं। 50 रुपये का टिकट तिरुमाला में नहीं मिलता है। वहाँ केवल 50 रुपये का शीघ्रदर्शन टिकट ही मिलता है, जो कि केवल तिरुमाला में ही मिलता है, यह टिकट और किसी भी शहर में उपलब्ध नहीं है और न ही इस टिकट की ऑनलाइन बुकिंग होती है।

ठगों से ऐसे बचें 

तिरुमाला में किसी भी ठग का शिकार न बनें वहाँ पर तमिल, तेलेगु, हिन्दी और अंग्रेजी में सभी तरह के संदेश लिखे हुए हैं, किसी से कुछ भी पूछने की जरुरत नहीं पड़ती है। तिरुपति विश्व का दूसरा सबसे बड़ा धनी देवस्थान है, वहाँ पर भक्तों के लिये सभी सुविधाएँ मुफ़्त उपलब्ध हैं या फ़िर बहुत ही कम दामों पर। लूट तो हर जगह होती है, बस जरुरत है तो आपको ऐसे लोगों से बचने की।
यहां ठग टाइप के कुछ तत्वा की भी कोई कमी नहीं है, जैसा की आमतौर पर ऐसे स्थाोनों पर डेरा जमाए रहते हैं। आपसे वे कितना भी कहें कि वे जल्दीा दर्शन करवा देगा, केश देने में मदद करेगा, स्नाान पूजा अर्चना में मदद करेगा ठहरने में आदि उनकी बातों को अनसुना कर दें उनके जाल में बिलकुल न फंसे क्यों्कि एक बार आप उनके चंगुल में फंस गए पैसे की बर्बादी होगी और मूड खराब वह अलग। 

लोकल ट्रांस्‍पोर्ट 

तिरुमाला में बसें लगातार चलती रहती हैं, जिससे आप एक स्थान से दूसरे स्थान जा सकते हैं, वह भी मुफ़्त हैं, और बसें भी विशेष प्रकार की हैं, जैसे भगवान का खुद का रथ हो। तिरुपति से तिरुमाला पैदल भी जा सकते हैं, यह तकरीबन 15 कि.मी. है, अगर आप के पास सामान है तो तिरुपति में जहाँ से पैदल यात्रा शुरु करते हैं, वहाँ देवस्थानम के लगेज काऊँटर पर आप अपना सामान जमा करवा सकते हैं, और जब आप तिरुमाला पहुँचेंगे तो वहाँ लगेज काऊँटर से अपना समान वापस ले सकते हैं। यह दूरी तय करने में 4-5 घंटे लगते हैं।
पैदलयात्रियों के लिये सभी तरह की सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जगह जगह पीने का पानी उपलब्ध है, शौचालय हैं, आराम करने के लिये शेड उपलब्ध हैं, सुरक्षा के लिये जगह जगह कर्मी तैनात हैं। जरुरी उदघोषणाएँ समय समय पर होती रहती हैं। पूरे रास्ते चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हैं। नाश्ते के लिये केंटीन भी पूरे रास्ते में उपलब्ध हैं।

सप्ताहांत में वहां पहुंचने से बचें

अगर संभव हो तो किसी भी त्योचहार या वीकेंड पर यहां जाने से बचें। क्योंहकि इन दिनों यहां जबरदस्ते भीड़ होती हैं। लोग दूर दूर से आते हैं, सप्ताहांत पर तो बहुत ही ज्यादा भीड़ रहती है। भक्तों का का सैलाब रहता है। 

तिरुपति में सुविधा केंद्र 

तिरुपति से निकलते हुए तिरुपति देवस्थानम की बहुत ही बड़ी इमारत है जिसमें वहाँ से आप बायोमेट्रिक वाले टिकट ले सकते हैं, और वहाँ रुक भी सकते हैं, यह देवस्थानम की तरफ़ से भक्तों के लिये तिरुपति में सुविधा है। 

तिरुपति से मंदिर तक मनोरम दृश्य

तिरुपति से बाहर निकलते ही आपको तिरुमाला की ओर बढ़ने पर मनोहारी दृश्य आते जांएगे। और इतना साफ़ शहर देख कर आपको आश्चर्य भी होगा। बहुत ही अच्छा रखरखाव है प्रशासन कार्य देखकर अच्छा लगता है। पैदल चलने वालों के लिये अलग से फ़ुटपाथ बना हुआ है, जिस पर पैदल यात्री जाते हुए दिखे थे। दायीं तरफ़ आपको मनमोहक पहाड़ियाँ दिखाई देंगी वहीं दूर से आपको मंदिर का भव्य द्वार नजर आ जाएगा। 

मंदिर से पहले टोला नाका

मंदिर से कुछ पहले यहाँ एक टोल नाका है, जहाँ पर चैकिंग होती है कि आपके पास नशेयुक्त पदार्थ तो नहीं है जैसे कि बीड़ी, सिगरेट, शराब, गुटका इत्यादि। सघन तलाशी होती है। फिर चाहे आप टैक्सी मैं हो बस में। पूरे रास्ते ऐसे लगभग आठ टोल बने हुए हैं, जिनमें न्यूानतम है। सबसे अच्छी बात यह है कि तिरुपति से तिरुमाला जाने का मार्ग अलग और आने का मार्ग अलग है, क्योंकि बहुत ही घुमावदार सड़कें हैं और बहुत सारे घाट पार करना होते हैं।
यकीन माने आपको यहां आकर लगेगा जैसे आप देवलोक में आ गये हैं। थोड़ा सा और ऊपर जाने पर दबाब महसूस होता है जैसा कि हवाई यात्रा के दौरान महसूस होता है। सड़क पर हमेशा एक तरफ़ पहाड़ की दीवार और दूसरी तरफ़ खाई मिली, सुरक्षा की दृष्टि से खाई की तरफ़ बड़े पत्थरों की दीवार और लोहे की गर्डर लगायीं हुई हैं।
अगर अपने वाहन या टैक्सी से जा रहे हैं आप कहीं भी अपनी टैक्सी न रोकें, क्योंकि सड़कें बहुत घुमावदार हैं, और दुर्घटना होने का बहुत डर रहता है। और एक बात जब तिरुपति टोल से निकलते हैं तो आपको अपना सामान कन्वेयर बेल्ट वाली एक्सरे मशीन से निकालना पड़ता है और अगर वहाँ के सुरक्षाकर्मियों को शक होगा तो वो समान की खोलकर तलाशी लेंगे।

अब आप पहुंच चुके हैं भगवान वेंकटेश के दर पर 

यहाँ पार्किंग फ़्री है उसका कोई पैसा नहीं देना पड़ता है। यहां पहुंच कर सबसे पहले शीघ्र दर्शनम का टिक्टर ले लें, अगर आपने पैकेज नहीं लिया हुआ है तो। इसके अलावा अग आप अपने केश यानी बाल देना चाहते हैं तो उसके लिए भी टोकन लेना होगा। स्ना।न आदि के बाद ही आप भगवान के दर्शन करें। 

केश कहां दें

यहाँ देवस्थानम है, जहां मुफ़्त में बाल दिये जाने की व्यवस्था है, जो कि तिरुपति देवस्थानम की ओर से दी जाती है, वहाँ अपने जूते उतारकर जाना पड़ता है। आप यहां कतार में खड़े हो जाएं। आप सीधे चलते जाएं हॉल से पहले आपको एक टोकन दिया जाएगा। और आधी ब्लेड, अंदर हाल में पहुँचे तो आप देखेगे कि बहुत से नाई केश उतार रहे होंगे।
टोकन पर जिस नाई का नंबर लिखा होता है आपको उसी के पास जाना है। वह भी आपसे कुछ ठगने की पूरी कोशिश करेगा मगर आपको उसे कुछ नहीं देना है। आपका मन हो 10-15 रुपए दे सकते हैं। केश देते समय आप अपनी दाड़ी भी बनवा लें उसका भी आपको अलग से कुछ नहीं देना होगा। हॉल से निकल वहीं से नीचे जाने का रास्ता था, जहाँ नहाने की व्यवस्था है। महिलाओं और पुरुषों के लिये अलग-अलग बाथरूम बने हुए हैं और गरम पानी भी उपलब्ध हैं। 

मंदिर में इन्हें ले जाना मना है

यहां कोई भी सामान आप क्‍लॉक रूम में जमा करवा सकते हैं। पर्स, बेल्ट इत्यादि चीजें न ले जायें तो बेहतर होगा, यहाँ किसी भी मंदिर में इलेक्ट्रानिक उपकरण और मोबाईल ले जाना निषेध है। इसलिये पहले ही इन सब चीजों को हटा दें। जिससे अगर गलती से भी चली जायें तो खोने का या लॉकर में रखने की दिक्कतों से बच सकते हैं।

खानेपीने की व्यवस्था 

पार्किंग के पास ही शापिंग कॉम्पलेक्स में इडली, बड़ा और सांभर चटनी आदि मिल जाते हैं।, रास्ते में छोटी छोटी दुकानें लगी हुई थीं। वहीं पर तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट की मुफ़्त भोजनशाला भी है और वहीं एक और बोर्ड लगा हुआ था, कि लोकल, एसटीडी काल करने के लिये इधर जायें, व्यवस्था देवस्थानम की ओर से है, एवं इसका कोई शुल्क नहीं है।

शॉपिंग 

तिलक लगाने वाले बहुत सारे लोग घूम रहे थे जो कि बालाजी की स्टाईल में तिलक लगा रहे थे। वहीं पास ही टोपियों की दुकान भी थी, जो नये नये टकले हुए थे, जिनके लिये टकलाना नया अनुभव था, उन्हें ठंड लग रही थी। हालांकि हम भी टकलाने के मामले में पुराने तो नहीं थे परंतु नये भी नहीं थे। इसलिये टकलाना बहुत ही अच्छा लग रहा था।

दर्शन रेट

आपको अंदर परिसर में ही 300 रुपए का बोर्ड दिखाई दे जाएगा। सुरक्षाकर्मी आपको पूरा सहयोग भी करते हैं। देखने में भले ही 300 रुपए वाली लाइन आपको लम्बी ही लगे मगर बाद में दूसरों से जल्दीर आपको दर्शन हो जाते हैं। लाइन में लगे लोग कोई “हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” का जाप कर रहा होगा तो कोई “ऊँ वेंकटेश्वराय नम:” का जाप वहीं आपको कुछ समूह ऐसे भी मिलेंगे जो “गोविंदा गोविंदा” कहकर ध्यान आकर्षित कर रहे होंगे। 50 रुपये के सुन्दरसन टिकट की लाइन से दर्शन के लिये 5-6 घंटे लग जाते हैं। 

कब जाएँ अक्टूबर से मार्च 

सड़क मार्ग

तिरुपति वेन्कटेशवर मन्दिर चेन्नई से 150 किलोमीटर, हैदराबाद से 500 किलोमीटर और बेंगलोर से 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

हवाई अड्डा

निकट का अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा चैन्नई है और घरेलू हवाई अड्डा तिरुपति है।

रेलवे स्टेशन
तिरुपति
प्रमुख बस्‍ा स्‍टेशन 

श्री वेंकटेश्वर बस स्टेशन, बालाजी लिंक बस स्टेशन, सप्तगिरि लिंक बस स्टेशन, श्री पद्मावती बस स्टेशन

मेरी ब्लॉग सूची

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