आपका स्वागत है...

मैं
135 देशों में लोकप्रिय
इस ब्लॉग के माध्यम से हिन्दू धर्म को जन-जन तक पहुचाना चाहता हूँ.. इसमें आपका साथ मिल जाये तो बहुत ख़ुशी होगी.. इस ब्लॉग में पुरे भारत और आस-पास के देशों में हिन्दू धर्म, हिन्दू पर्व त्यौहार, देवी-देवताओं से सम्बंधित धार्मिक पुण्य स्थल व् उनके माहत्म्य, चारोंधाम,
12-ज्योतिर्लिंग, 52-शक्तिपीठ, सप्त नदी, सप्त मुनि, नवरात्र, सावन माह, दुर्गापूजा, दीपावली, होली, एकादशी, रामायण-महाभारत से जुड़े पहलुओं को यहाँ देने का प्रयास कर रहा हूँ.. कुछ त्रुटी रह जाये तो मार्गदर्शन करें...
वर्ष भर (2017) का पर्व-त्यौहार नीचे है…
अपना परामर्श और जानकारी इस नंबर
9831057985 पर दे सकते हैं....

धर्ममार्ग के साथी...

लेबल

आप जो पढना चाहते हैं इस ब्लॉग में खोजें :: राजेश मिश्रा

22 जून 2015

मलमास माह- क्या करें, क्या न करें


सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन को संक्रान्ति कहते हैं। जब दो पक्षों में संक्रान्ति नहीं होती है, तब अधिक मास होता है, जिसे मलमास भी कहते है। यह स्थिति 32 माह और 16 दिन में होती है यानि लगभग हर तीन वर्ष बाद मलमास पड़ता है। इस वर्ष 17 जून से 16 जुलाई तक मलमास रहेगा। अषाढ़ महीने में मलमास पड़े ऐसा संयोग दशकों बाद आता है। इससे पहले सन् 1996 में अषाढ़ के महीने में अधिक मास पड़ा था। जिस महीने में अधिक मास पड़ता है, उससे 6 महीने आगे तक पड़ने वाले सभी त्यौहारों की तिथियां 10 से 20 दिन की देरी से आती हैं। अधिक मास में विवाह, मुण्डन, यज्ञोपवीत आदि माॅगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। इस मास में सिर्फ भगवान का पूजन, भजन, ध्यान व तीर्थ यात्रा करने से विशेष लाभ मिलता है। अधिक मास में विष्णु जी की स्तुति करने का विधान है। अधिक मास में किया गया जप, तप व दान का कई गुना पुण्य मिलता है।

क्या करें- इस मास में भगवत गीता, श्री राम जी की आराधना, कथा वाचन और विष्णु की उपासना करनी चाहिए। दान, पुण्य, जप व ध्यान करने से पाप नष्ट होते है। धार्मिक यात्रायें व धार्मिक कार्यो में सहयोग करने से भी पुण्य मिलता है। क्या न करें- मलमास में गृह प्रवेश, मुण्डन, यज्ञोपवीत, विवाह, गृह निर्माण, भूमि व प्रापर्टी में निवेश, नया वाहन, नया व्यवसाय आदि चीजों करना वर्जित बताया गया है। नया वस्त्र पहना भी वर्जित है। विष्णु जी के इन नामों को जाप करने से सबका होगा कल्याण- 1-विष्णु। 2-नारायण। 3-कृष्ण। 4-गोविन्द। 5-दामोदर। 6-ह्रषीकेश। 7-केशव। 8-माधव। 9-जनार्दन। 10-गरूडध्वज। 11-पीताम्बर। 12-अच्युत। 13-उपेन्द्र। 14-चक्रपाणि। 15-चतुर्भुज। 16- पद्यनाभ। 17-मधुरिपु। 18-वासुदेव। 19-त्रिविक्रम। 20-देवकीनन्दन। 21-श्रीपति। 22-पुरूषोत्तम। 23-वनमाली। 24-विश्वम्भर। 25-पुण्डरीकाक्ष। 26-वैकुण्ठ। 27-दैत्यारि।

मेरी ब्लॉग सूची

  • World wide radio-Radio Garden - *प्रिये मित्रों ,* *आज मैं आप लोगो के लिए ऐसी वेबसाईट के बारे में बताने जा रहा हूँ जिसमे आप ऑनलाइन पुरे विश्व के रेडियों को सुन सकते हैं। नीचे दिए गए ल...
    8 माह पहले
  • जीवन का सच - एक बार किसी गांव में एक महात्मा पधारे। उनसे मिलने पूरा गांव उमड़ पड़ा। गांव के हरेक व्यक्ति ने अपनी-अपनी जिज्ञासा उनके सामने रखी। एक व्यक्ति ने महात्मा से...
    6 वर्ष पहले

LATEST:


Windows Live Messenger + Facebook