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27 अप्रैल 2016

अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya)



अक्षय तृतीया - 09 मई 2016, सोमवार, बैशाख मास शुक्ल पक्ष, तृतीय तिथि, मृगशिरा नक्षत्र


'अक्षय' शब्द का मतलब है- जिसका क्षय या नाश न हो। इस दिन किया हुआ जप, तप, ज्ञान तथा दान अक्षय फल देने वाला होता है अतः इसे 'अक्षय तृतीया' कहते हैं। भविष्यपुराण, मत्स्यपुराण, पद्मपुराण, विष्णुधर्मोत्तर पुराण, स्कन्दपुराण में इस तिथि का विशेष उल्लेख है। इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका बड़ा ही श्रेष्ठ फल मिलता है। इस दिन सभी देवताओं व पित्तरों का पूजन किया जाता है। पित्तरों का श्राद्ध कर धर्मघट दान किए जाने का उल्लेख शास्त्रों में है। वैशाख मास भगवान विष्णु को अतिप्रिय है अतः विशेषतः विष्णु जी की पूजा करें।

स्कन्दपुराण के अनुसार, जो मनुष्य अक्षय तृतीया को सूर्योदय काल में प्रातः स्नान करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करके कथा सुनते हैं, वे मोक्ष के भागी होते हैं। जो उस दिन मधुसूदन की प्रसन्नता के लिए दान करते हैं, उनका वह पुण्यकर्म भगवान की आज्ञा से अक्षय फल देता है।

भविष्यपुराण के मध्यमपर्व में कहा गया है वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया में गंगाजी में स्नान करनेवाला सब पापों से मुक्त हो जाता हैं | वैशाख मास की तृतीया स्वाती नक्षत्र और माघ की तृतीया रोहिणीयुक्त हो तथा आश्विन तृतीया वृषराशि से युक्त हो तो उसमें जो भी दान दिया जाता है, वह अक्षय होता है | विशेषरूप से इनमें हविष्यान्न एवं मोदक देनेसे अधिक लाभ होता है तथा गुड़ और कर्पुरसे युक्त जलदान करनेवाले की विद्वान् पुरुष अधिक प्रंशसा करते हैं, वह मनुष्य ब्रह्मलोक में पूजित होता हैं | यदि बुधवार और श्रवण से युक्त तृतीया हो तो उसमें स्नान और उपवास करनेसे अनंत फल प्राप्त होता हैं |

अक्षय तृतीया का महत्त्व


  • अक्षय तृतीया से ही त्रेतायुग का आरंभ हुआ था, जो भगवान श्रीराम की लीला के लिए स्मरण किया जाता है। यही कारण है कि यह 'युगादि तृतीया' भी कहलाती है।
  • भगवान विष्णु के दशा अवतार में से पंचम अवतरण श्री परशुराम का अवतरण भी आज ही हुआ था। यह परशुराम तिथि भी कहलाती है।
  • इसी दिन भगवान विष्णु ह्यग्रीव रूप में अवतरित हुए।
  • महर्षि वेदव्यास ने इस दिन महाभारत की रचना प्रारंभ की थी जिसे भगवान गणेश ने लिपिबद्ध किया था ।
  • पांडवों के वनवास के दौरान भगवान कृष्ण ने उन्हे अक्षयपात्र दिया था जिससे अन्न का कभी क्षय नहीं होता।
  • श्री कृष्ण ने इस दिन अपने बाल सखा सुदामा की सहायता की थी और उन्हे दरिद्रता से मुक्त कराया था।
  • कुबेर ने शिवपुरम में इस दिन भगवान शिव की पूजा करके अपनी समृद्धि वापस पायी थी।
  • इसी शुभ घड़ी में भगवान विष्णु ने नर-नारायण अवतार लिया।
  • आज ही श्री बद्रीनारायण & केदारनाथ धाम के पट खुलते हैं।
  • वृंदावन के श्री बाँके-बिहारीजी के मंदिर में केवल इसी दिन श्रीविग्रह के चरण-दर्शन होते हैं अन्यथा पूरे वर्ष वस्त्रों से ढँके रहते हैं।

एक वर्ष में अक्षय तृतीया ही एक मात्र ऐसा समय है जब सूर्य था चन्द्र दोनों अपनी उच्च राशि में होते हैं।

अक्षय तृतीया के दिन क्या करें


'निर्णय सिन्धु' में वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया में गंगा स्नान का महत्त्व बताया है - बैशाखे शुक्लपक्षे तु तृतीयायां तथैव च । गंगातोये नर: स्नात्वा मुच्यते सर्वकिल्विषै: ॥
आज के दिन कोई भी काम शुरू करने का अबूझ मुहूर्त होता है।
  • ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए।
  • जो मनुष्य वैशाख शुक्ल की तृतीया को चंदन से श्रीकृष्ण को भूषित करता और पूजन करता है,वह वैकुण्ठ को प्राप्त होता है। 
  • इस दिन वृन्दावन में बांके बिहारी के दर्शन करना अत्यंत शुभ होता है।
  • अक्षय तृतीया के दिन जल से भरे कलश, पंखा, चावल, नमक, घी, चीनी, सब्जी, फल, इमली, खरबूज, तरबूज, चरणपादुकायें (खड़ाऊँ), जूता, छाता और वस्त्र वगैरह का दान अच्छा माना जाता है। 
  • इस दिन सत्तू अवश्य खाना चाहिए।
  • चावल और मूंग की दाल खानी चाहिए 
  • जो मनुष्य इस दिन नदी, पवित्र सरोवर अथवा सागर स्नान करता है, उसे पापों से मुक्ति मिलती है।
  • शुभ, पूजनीय नवीन कार्य जैसे मूर्ति स्तःपना ग्रह प्रवेश कार्य इस दिन होते हैं, जिनसे प्राणियों (मनुष्यों) का जीवन धन्य हो जाता है।
  • श्रीकृष्ण ने भी कहा है कि यह तिथि परम पुण्यमय है। इस दिन दोपहर से पूर्व स्नान, जप, तप, होम, स्वाध्याय, पितृ-तर्पण तथा दान आदि करने वाला महाभाग अक्षय पुण्यफल का भागी होता है।
  • आज के दिन नवीन वस्त्र, शस्त्र, आभूषणादि बनवाना या धारण करना चाहिए।
  • सुख समृधि तथा ऐश्वर्या की प्राप्ति के लिए पके हुए मिटटी के घड़े में लाल रंग से रंगकर उसके मुख पर कलावा बांधकर उसपर जटा वाला नारियल रखकर जल में प्रवाहित करें
  • अक्षय तृतीया के पर्व पर लक्ष्मी जी की आराधना से धन में स्थायित्व आता है & जीवन पर्यंत धन की कमी नहीं रहती, व्यापार वृद्धि, पर्याप्त धनार्जन के पश्चात् भी धन संचय न होना, आर्थिक उन्नति के लिए, ऋण, दरिद्रता दूर करने के लिए अक्षय तृतीया के दिन लक्ष्मी जी की मंत्र-जप से आराधना करें ताकि धन-धान्य से घर अक्षुण बना रहे।

अक्षय तृतीया के दिन आप कौन कौन सी शुभ चीजें घर ला सकते हैं
  • पूजा के लिए-रुद्राक्ष,हत्था जोड़ी, श्वेतार्क गणपति, रक्त गूंजा,श्री यन्त्र व पारद शिवलिंग 
  • साधारण वस्तुएं-ताम्बे की थालियाँ लोटा,सोने चाँदी के आभूषण व बर्तन, श्रृंगार अथवा सौंदर्य प्रसाधन 

The auspicious day is believed to bring good luck and success. It is a holy day for Hindus, which falls on the third lunar day of Shukla Paksha in Vaishakha month.

Apart from purchasing gold, the day is auspicious for marriages as well. In northern parts of India, especially in Rajasthan, child marriage is a common practice on Akha Teej. Also, the day is considered auspicious to start new ventures like a business or a construction etc.

Akshaya Tritiya is observed as the birthday of Lord Parashurama, the sixth incarnation of Lord Vishnu. Also, on this day, Lord Ganesha and Veda Vyasa began to pen down the epic story of Mahabharata.

Lord Vishnu and Goddess Lakshmi are worshipped by Hindus on this auspicious day.

  • Below are wishes and greetings to send to your family and friends:
  • Sanskrit word Akshaya means one that never diminishes. May this day of Akshaya Tritiya bring you good luck and success which never diminishes.
  • Gold is everywhere. All are looking to buy Gold. Everyone waiting for the auspicious day to come. Before you leave for purchasing Gold, I greet you a Happy Akshaya Tritiya
  • Akshay Tritiya aayi hai, Sang khushiya laayi hai, Sukh samriddhi paayi hai, Prem ki bahar chhayi hai. 
  • May Lord bless you on this auspicious day of Akshaya Trithiya, and may it be a new beginning of greater prosperity, success and happiness. Greetings on Akshaya Trithiya
  • Maa Lakshmi aap par apni kripa hamesha banaye rahkhee. Apko Akshaya Tritiya ki Shubh Kamnaye.
  • Buying gold is a popular activity on Akshaya Tritiya as it is the ultimate symbol of wealth and prosperity. Gold and gold jewellery bought and worn on this day signify never diminishing good fortune. Happy Akshaya Tritiya
  • Aapko aivam apke parivaar ko Akkha Teej ki shubhkaamnayein. Maa Lakshmi apne kumkum lage kadmo se apke ghar aaye.
  • Akshaya Tritiya is a sacred and auspicious day. There is a belief that valuables bought on this special day will bring prosperity, luck and success. So purchase gold of your wish. Happy Akshaya Tritiya

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